बड़ी बेटी ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। हाल ही में छोटी बेटी भी घर छोड़कर अपने प्रेमी के साथ चली गई और विवाह कर लिया।
चित्तौड़गढ़ /30 मई/ अटल हिन्द ब्यूरो
चित्तौड़गढ़। जिले के कपासन उपखंड के देवरिया गांव में एक अनोखा और चर्चित मामला सामने आया है। परिवार की इच्छा के विरुद्ध प्रेम विवाह करने वाली दो सगी बेटियों को उनके पिता ने सामाजिक रूप से मृत घोषित कर दिया है। इसके लिए उन्होंने बाकायदा शोक पत्रिका छपवाकर ग्रामीणों में वितरित की है और 4 जून को दोनों बेटियों के नाम पर ‘पीहर गोरनी’ कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है।
परिजनों के अनुसार बड़ी बेटी ने लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रेम विवाह किया था। हाल ही में छोटी बेटी भी घर छोड़कर अपने प्रेमी के साथ चली गई और विवाह कर लिया। छोटी बेटी की गुमशुदगी को लेकर परिवार ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन बाद में युवती ने पुलिस के समक्ष बयान देकर स्पष्ट किया कि वह अपनी इच्छा से अपने पति के साथ रह रही है।
इसके बाद आहत परिवार ने दोनों बेटियों को सामाजिक रूप से मृत मानने का फैसला लिया। पिता ने दोनों बेटियों की तस्वीरों सहित शोक पत्रिका प्रकाशित करवाई और गांव में शोक सभा का आयोजन किया। घर के बाहर दोनों बेटियों के चित्र लगाए गए हैं, जहां ग्रामीण संवेदना व्यक्त करने पहुंच रहे हैं।
पिता का कहना है कि बेटियों के इस कदम से परिवार की उम्मीदें और सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उनका मानना है कि यह निर्णय समाज के सामने एक संदेश देने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि कानूनी दृष्टि से दोनों युवतियां बालिग हैं और अपनी मर्जी से विवाह करने का अधिकार रखती हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों ने स्वेच्छा से विवाह किया है, इसलिए इस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई का आधार नहीं बनता।
यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे परिवार की भावनात्मक प्रतिक्रिया और सामाजिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं अन्य लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक सोच के बीच टकराव का उदाहरण मान रहे हैं।


