तम्बाकू निषेध दिवस विशेष—
तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में चिकित्सा विभाग के प्रभावी प्रयास
कोटपा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु राज्यव्यापी विशेष अभियान
औषधि नियंत्रण अधिकारियों की सख्त कार्रवाई, 2137 चालान किए
जयपुर /30 मई /अटल हिन्द /दिनेश कुमार जांगिड़
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर प्रदेश में तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पादों के उपयोग पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में विशेष प्रयास सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में 22 मई से 30 मई, 2026 तक सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम, 2003 (COTPA) के अंतर्गत राज्यव्यापी विशेष प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान संचालित किया गया।
अभियान के दौरान प्रदेशभर में औषधि नियंत्रण अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर निरीक्षण, प्रवर्तन कार्रवाई एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि राजस्थान तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर रहा है। तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों के लिए हाल ही राजस्थान को विश्व स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ है।
इस दिशा में और प्रभावी कदम उठाते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने 29 मई 2026 तक कोटपा अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर कुल 2137 चालान किए हैं। जयपुर सर्वाधिक 290 चालानों के साथ प्रथम स्थान पर रहा। इसके अतिरिक्त भरतपुर में 216, जोधपुर में 202, अलवर में 149 तथा नागौर में 130 चालान किए गए।
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान निषेध, शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे में तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध, तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन निषेध सहित अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों की पालना सुनिश्चित करने के लिए व्यापक निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने दुकानों, सार्वजनिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर नियमों की अनुपालना सुनिश्चित की।
औषधि नियंत्रण आयुक्त डॉ. टी. शुभमंगला ने बताया कि प्रवर्तन गतिविधियों के साथ-साथ प्रदेशभर में विद्यालयों, महाविद्यालयों, स्वास्थ्य संस्थानों, कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों पर जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं आमजन को तम्बाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई तथा तम्बाकू मुक्त समाज के निर्माण हेतु शपथ दिलाई गई।
चिकित्सा मंत्री की अपील : युवा तम्बाकू एवं नशे की लत से रहें दूर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस वर्ष की थीम अनमास्किंग द अपील- काउंटेरिंग निकोटिन एंड टोबेको एडिक्शन निर्धारित की गयी है। उन्होंने विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर सभी लोगों विशेषकर युवाओं से तम्बाकू, सिगरेट, हुक्का और अन्य नशे की लत से दूर रहकर स्वस्थ्य जीवन जीने की अपील की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को अन्य लोगों को तम्बाकू को छोड़ने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
विश्व स्तर पर मिली प्रदेश को बड़ी उपलब्धि
उल्लेखनीय है कि हाल ही में राजस्थान ने तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा वर्ष 2026 के ‘वर्ल्ड नो टोबैको डे अवॉर्ड’ के तहत दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य के लिए विश्व स्तरीय सम्मान प्रदान किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 तथा इलैक्ट्रोनिक सिगरेट प्रतिषेध अधिनियम-2019 के अन्तर्गत प्रभावी एन्फोर्समेन्ट कार्यवाही संपादित की जा रही है। वर्ष 2025-26 में सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम-2003 के अन्तर्गत कुल 1 लाख 36 से अधिक चालान कार्यवाही की गई। इसी प्रकार इलैक्ट्रोनिक सिगरेट के प्रतिषेध अधिनियम-2019 तथा हुक्का बार प्रतिबन्ध अन्तर्गत प्रभावी कार्यवाही की गई है।
सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में परामर्श सेशन
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में 25 मई से 31 मई तक वैधानिक कार्यवाही के साथ समुदाय में जागरुकता संबंधी विभिन्न गतिविधियां सुनिश्चित करने के लिए सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।
इस दौरान कोटपा एक्ट की पालना सुनिश्चित करने के साथ ही 31 मई को सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर उक्त दिवस आयोजित कर परामर्श सेशन आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। तम्बाकू उपभोगियों को उपचार के लिए नजदीकी डेंटल क्लीनिक रैफर करेंगे।
500 से अधिक परामर्श केंद्र संचालित
प्रदेशभर में ब्लॉक स्तर तक 500 से अधिक तम्बाकू मुक्ति उपचार एवं परामर्श केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। तम्बाकू लत छुड़ाने के उपचार के लिए निकोटिन रिपलेसमेन्ट थेरेपी को आवश्यक दवा सूची में सम्मिलित कर आरएमएससीएल के माध्यम से सीएचसी स्तर तक उपलब्ध करवायी जा रही है।
डेन्टल क्लिनिक्स के संचालन के पश्चात राज्य में तम्बाकू मुक्ति के लिए काउन्सलिंग तथा उपचार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। गत दिसम्बर से अप्रैल 2026 तक कुल 31 हजार 669 तम्बाकू उपभोगियों की तम्बाकू छोडने के लिए काउन्सलिंग, 9 हजार 584 रोगियों का उपचार किया गया है। साथ ही 1 हजार 541 रोगियों के द्वारा तम्बाकू उत्पादों का उपभोग छोडना रिपोर्ट किया गया है।
13,744 गांवों में तम्बाकू नियंत्रण के संबंध में प्रस्ताव पारित
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि तम्बाकू मुक्त विधालय के तहत 83 हजार से अधिक विद्यालयों में तम्बाकू मुक्त विद्यालयो में इंडिकेटर्स की पालना करवाई गई है। आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 13 हजार 744 गांवों में तम्बाकू उत्पादों के प्रभावी नियंत्रण के संबंध में प्रस्ताव पारित किये गये।
गांवों में तम्बाकू नियंत्रण में 32 हजार 380 अग्रणी व्यक्तियों को तम्बाकू मॉनिटर/एम्बेसेडर बनाकर जन-जागरूकता गतिविधियां संचालित की गई हैं। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत पंजीकृत टीबी रोगियों में तम्बाकू उपभोग की प्रवृति को समाप्त किये जाने के लिए टीबी रोगियों की डॉट्स प्रावाइडर के स्तर पर नियमित काउन्सलिंग करवाकर प्रभावी मॉनिटरिंग की जा रही है।


