शिमला ग्रीष्मोत्सव के अंतर्गत होगा पहली अंतर-विद्यालय वाद-विवेचन प्रतियोगिता “श्यामला मंथन” का आयोजन
विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, तार्किक चिंतन और वक्तृत्व कौशल को मिलेगा नया मंच – उपायुक्त अनुपम कश्यप
शिमला, 30 मई | अटल हिन्द ब्यूरो
अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 के अंतर्गत जिला प्रशासन शिमला द्वारा पहली बार एक महत्वाकांक्षी साहित्यिक एवं बौद्धिक पहल “श्यामला मंथन” का आयोजन किया जा रहा है। यह अंतर-विद्यालय वाद-विवेचन (डेक्लामेशन) प्रतियोगिता विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति, तार्किक क्षमता, रचनात्मक सोच और सार्वजनिक वक्तृत्व कला का प्रदर्शन करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगी। प्रतियोगिता में शिमला जिले के कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों को सकारात्मक एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी है। इसी सोच के तहत इस वर्ष पहली बार “श्यामला मंथन” की शुरुआत की गई है, जो विद्यार्थियों को संवाद, विचार-विमर्श और स्वस्थ बौद्धिक प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान करेगी।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में युवाओं का अधिकांश समय सोशल मीडिया और आभासी दुनिया में बीतता है। ऐसे में विद्यार्थियों को ऐसे मंचों की आवश्यकता है जहां वे अपने विचारों को सार्थक दिशा दे सकें, सामाजिक विषयों पर चिंतन कर सकें और अपने व्यक्तित्व का समग्र विकास कर सकें। “श्यामला मंथन” इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उपायुक्त ने कहा कि भारतीय समाज में वाद-विवेचन की समृद्ध परंपरा रही है। विचारों के आदान-प्रदान और स्वस्थ बहस के माध्यम से ही जागरूकता और सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, आत्मविश्वास, प्रभावी संप्रेषण, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में सहायक होगी।
समसामयिक विषयों पर होगा मंथन
प्रतियोगिता के प्रथम चरण के लिए दो महत्वपूर्ण और समकालीन विषय निर्धारित किए गए हैं—
1. “Will Generative AI Create Pioneers or Bystanders?”
(क्या जनरेटिव एआई हमें मार्गदर्शक बनाएगा या सिर्फ मूकदर्शक?)
इस विषय के माध्यम से विद्यार्थी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव, नवाचार, शिक्षा, रोजगार और भविष्य की संभावनाओं पर अपने विचार रखेंगे।
2. “The 15-Second Attention Economy: How the Doomscroll is Rewriting our Brain”
(15-सेकंड की एकाग्रता: रील और शॉर्ट्स की संस्कृति में सिमटता हमारा मस्तिष्क)
यह विषय सोशल मीडिया, रील्स और शॉर्ट वीडियो संस्कृति के कारण युवाओं की एकाग्रता, मानसिक स्वास्थ्य और सोचने की क्षमता पर पड़ रहे प्रभावों पर केंद्रित रहेगा।
हिंदी और अंग्रेजी दोनों श्रेणियों में होगी प्रतियोगिता
प्रतियोगिता हिंदी एवं अंग्रेजी वाद-विवेचन श्रेणियों में आयोजित की जाएगी। अधिकतम विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए इसे चार जोन में आयोजित किया जाएगा। प्रत्येक जोन में नामित नोडल विद्यालयों में प्रारंभिक प्रतियोगिताएं होंगी।
प्रत्येक जोन से हिंदी और अंग्रेजी श्रेणी के तीन-तीन श्रेष्ठ वक्ताओं का चयन किया जाएगा। इस प्रकार कुल 24 प्रतिभागी अंतिम चरण के लिए चुने जाएंगे। फाइनल प्रतियोगिता का आयोजन ऐतिहासिक गेयटी थिएटर, द रिज, शिमला में होगा।
प्रतिभागियों को 4 से 5 मिनट का समय दिया जाएगा। मूल्यांकन विषय-वस्तु की गुणवत्ता, मौलिकता, स्पष्ट उच्चारण, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल, मंच प्रस्तुति और समग्र प्रभाव के आधार पर किया जाएगा।
विजेताओं को मिलेगा आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को 50 हजार रुपये नकद, प्रशस्ति प्रमाण-पत्र तथा प्रतिष्ठित “शब्द शिल्पी” रनिंग ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
पुरस्कार इस प्रकार हैं—
प्रथम पुरस्कार: ₹50,000
द्वितीय पुरस्कार: ₹30,000
तृतीय पुरस्कार: ₹20,000
इसके अलावा दोनों श्रेणियों में दो-दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे तथा सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
10 जून को होगा फाइनल मुकाबला
जोनल प्रतियोगिताएं 2 जून 2026 को आयोजित होंगी। अंतिम चरण के विषयों की घोषणा 5 जून 2026 को की जाएगी, जबकि फाइनल प्रतियोगिता 10 जून 2026 को आयोजित होगी।
प्रत्येक विद्यालय से हिंदी एवं अंग्रेजी श्रेणी के लिए एक-एक प्रतिभागी नामांकित किया जा सकता है। जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी विद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों से इस अभिनव पहल में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने विश्वास व्यक्त किया कि शिमला के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे और “Speak for Shimla” के संदेश को सार्थक रूप से आगे बढ़ाएंगे।


