पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़: दो श्रद्धालुओं की मौत, सैकड़ों घायल
पूरी /16 जुलाई 2026 /एजेंसी
पुरी: जगन्नाथ रथ यात्रा के पहले दिन गुरुवार को पुरी के ग्रैंड रोड (बड़ा डंडा) पर भक्तों की भारी भीड़ में भगदड़ मच गई। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 200 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं।घटना ‘पहंडी’ रस्म के दौरान मार्केट चौक और मरीचि कोर्ट चौक के बीच हुई। बाहरी सुरक्षा घेरे से मात्र 500 मीटर की दूरी पर अचानक भीड़ अनियंत्रित हो गई, जिससे कई भक्त कुचल गए और बेहोश होकर गिर पड़े। सूत्रों के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे यह स्थिति बनी।
मृतकों और घायलों का हाल
मृतकों में एक की पहचान कटक जिले के सिरलोग्राम के 35 वर्षीय अनिल दास के रूप में हुई है। दोनों मृतकों को बेहोश अवस्था में पुरी जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया
रथ यात्रा के दौरान भगदड़ और स्वास्थ्य संबंधी विभिन्न समस्याओं के कारण 300 से अधिक श्रद्धालुओं का पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज चल रहा है। कई लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। ओडिशा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाओं की स्पेशल रेस्क्यू यूनिट (SRU) ने 33 भक्तों को भीड़ से सुरक्षित निकाला।
सरकारी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग को पूरे मामले की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “रथ यात्रा के दौरान भक्तों की मौत की खबर से मैं बहुत दुखी हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।” नवीन पटनायक ने बीजू जनता दल के कार्यकर्ताओं से पीड़ितों की मदद करने की अपील की और राज्य सरकार से भीड़ प्रबंधन में सुधार की उम्मीद जताई।
पहंडी रस्म का संक्षिप्त विवरण
रथ यात्रा की शुरुआत लगातार बारिश और लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘पहंडी’ अनुष्ठान के साथ हुई। इस रस्म में भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रहों को मंदिर से रथों तक ले जाया जाता है। घंटियों, शंख और झांझ की ध्वनि के बीच विग्रहों को क्रमशः नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन रथों पर विराजमान किया गया।इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारे लगाए और भावुक दृश्य देखने को मिले। रथ यात्रा 9 दिनों तक चलेगी।प्रशासन ने बचाव कार्य तेज कर दिया है और स्थिति को नियंत्रण में लाने का प्रयास जारी है। घटना की सही वजह का अभी आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।

