ईडी ने बताया कि परिमैच ऑनलाइन कि तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
जयपुर /1 जून / अटल हिन्द ब्यूरो/एजेंसी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने साइप्रस स्थित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म ‘परिमैच’ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में 17 स्थानों पर छापेमारी की है। मुंबई आंचलिक कार्यालय की ओर से 26 मई को महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली, गुजरात, दमन और उत्तर प्रदेश में की गई इस कार्रवाई के दौरान करीब 1.56 करोड़ रुपये की चल संपत्ति जब्त की गई। इसमें लगभग 1.2 करोड़ रुपये नकद शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंक खातों में जमा करीब 3.8 करोड़ रुपये की राशि भी फ्रीज कर दी गई है।
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है।
मुंबई साइबर पुलिस की एफआईआर के बाद शुरू हुई जांच
ईडी के अनुसार, जांच की शुरुआत मुंबई साइबर पुलिस स्टेशन में परिमैच डॉट कॉम के खिलाफ दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई थी। आरोप है कि ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म ने निवेशकों और उपयोगकर्ताओं को अधिक रिटर्न का लालच देकर धोखा दिया और बड़े पैमाने पर अवैध कमाई की।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिमैच और उससे जुड़े नेटवर्क ने महज एक वर्ष के भीतर 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अर्जित की। जांच एजेंसी का दावा है कि इस दौरान उपयोगकर्ताओं के धन को इकट्ठा करने, हेरफेर करने और ट्रांसफर करने के लिए फर्जी खातों, भुगतान मध्यस्थों और वित्तीय चैनलों का जटिल नेटवर्क तैयार किया गया था।
जमा और निकासी के लिए अपनाया गया जटिल नेटवर्क
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में उपयोगकर्ताओं की निकासी सीधे प्लेटफॉर्म के खातों से नहीं की जाती थी। इसके बजाय, अन्य उपयोगकर्ताओं द्वारा जमा कराई गई रकम को कई हिस्सों में बांटकर निकासी करने वाले व्यक्ति के बैंक खाते या यूपीआई आईडी में भेजा जाता था। इस तरीके से धन के वास्तविक स्रोत और लेनदेन के संबंध को छिपाने की कोशिश की जाती थी।
कंपनियों के खातों का कथित दुरुपयोग
जांच में यह भी पता चला है कि उपयोगकर्ताओं की जमा और निकासी की प्रक्रिया सॉफ्टवेयर, फिनटेक और तकनीकी सेवाओं से जुड़ी कंपनियों के नाम पर खोले गए कई चालू खातों के माध्यम से संचालित की जा रही थी। ये संस्थाएं वास्तविक व्यावसायिक गतिविधियों में भी शामिल थीं, लेकिन आरोप है कि उनके खातों का इस्तेमाल भुगतान गेटवे सेवाओं, विक्रेता भुगतान और अन्य कारोबारी लेनदेन की आड़ में सट्टेबाजी से जुड़े धन के संग्रह और वितरण के लिए किया जा रहा था।
ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संस्थाओं के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।


