हरियाणा में रिश्वतखोर अधिकारियों पर एसीबी की बड़ी कार्रवाई, 190 कर्मचारियों की सूची तैयार
चंडीगढ़ /06 अगस्त 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
हरियाणा के सरकारी दफ्तरों में बिना रिश्वत के काम न करने की मानसिकता रखने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर ब्यूरो ने ऐसे 190 भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों की पहचान कर उनकी एक विस्तृत सूची तैयार की है।
एसीबी मुख्यालय ने इस सूची को राज्य के सभी जिलों की स्थानीय यूनिट्स को भेज दिया है और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई और धरपकड़ के सख्त निर्देश जारी किए हैं। ब्यूरो प्रमुख अरशिंदर सिंह चावला ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान बिना किसी भेदभाव के पूरी निष्पक्षता से चलाया जाएगा।
यह सूची अचानक तैयार नहीं की गई है, बल्कि इसके पीछे एसीबी की छह महीने की लंबी और गोपनीय निगरानी शामिल है। ब्यूरो की टीमों ने गुप्त पड़ताल, आम जनता से मिली शिकायतों के सूक्ष्म विश्लेषण और जमीनी इनपुट के बाद दो अलग-अलग चरणों में इन 190 रिश्वतखोर कर्मचारियों के नाम सूची में शामिल किए हैं।
पहले चरण में गत 20 जुलाई को 140 अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची बनाई गई थी, जबकि जांच का दायरा बढ़ाते हुए 5 अगस्त को 50 और नामों को इसमें जोड़ा गया। एसीबी की जांच में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि ये कर्मचारी बिना लेन-देन के किसी भी आम नागरिक की फाइल आगे नहीं बढ़ाते थे।
सरकारी महकमों की बात करें तो भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व विभाग (Revenue Department) से सामने आई हैं, जहां के सबसे अधिक 37 अधिकारी और कर्मचारी इस काली सूची में दर्ज हैं। वहीं 22 दागी कर्मचारियों के साथ पुलिस विभाग दूसरे स्थान पर है, जबकि स्वास्थ्य विभाग 14 अधिकारियों के साथ तीसरे नंबर पर बना हुआ है।
इन प्रमुख विभागों के अलावा शहरी स्थानीय निकाय, बिजली निगम, आबकारी व कराधान, परिवहन, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), पंचायती राज, शिक्षा, वन, आबकारी और सिंचाई विभाग के कर्मचारी भी इस रडार पर हैं। ब्यूरो का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका पद या प्रभाव कितना भी बड़ा क्यों न हो।
भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के साथ-साथ एसीबी ने अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए विशेष योजना भी शुरू की है। 2 लाख रुपये या उससे अधिक की रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने वाले अधिकारियों को ‘क्लास-1 सर्टिफिकेट’ और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को स्वर्ण व रजत पदकों से सम्मानित किया जाएगा।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम जनता से भी अपील की है कि वे रिश्वतखोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और डरने के बजाय शिकायत दर्ज कराएं। नागरिक किसी भी सरकारी दफ्तर में रिश्वत मांगे जाने पर एसीबी के टोल-फ्री नंबर 1800-180-2022 या हेल्पलाइन नंबर 1064 पर तुरंत सूचना दे सकते हैं।

