चंडीगढ़ के रहने वाले चार दोस्तों की हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान गंगनहर में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई।
चंडीगढ़/31 जुलाई 2026 / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
30 जुलाई से सावन की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा शुरू हुई है। चंडीगढ़ से दोस्तों का एक ग्रुप भी जल लेने हरिद्वार गया था। शुक्रवार को हरिद्वार के पुल जटवाड़ा के पास गंगनहर किनारे सभी कांवड़िए मौजूद थे।
इसी दौरान इनमें से एक दोस्त नहाते वक्त पानी के तेज बहाव में बहने लगा और डूबने लगा। उसे तड़पता और डूबता देख उसे बचाने के लिए बाकी के तीन दोस्त भी बिना अपनी परवाह किए गंगनहर के उफान में कूद पड़े। लेकिन नहर का बहाव इतना तेज था कि चारों ही संभल नहीं पाए और एक-एक करके डूब गए।
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस और जल पुलिस के गोताखोर मौके पर पहुंचे। कड़ी मशक्कत के बाद चारों युवकों के शवों को गंगनहर से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
मृतकों की पहचान शिवांशु, नीतेश, भरत और रोहित के रूप में हुई है। चारों आपस में गहरे दोस्त थे। जैसे ही चंडीगढ़ में उनके परिवारों तक यह खबर पहुंची, घरों में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन तुरंत हरिद्वार के लिए रवाना हो गए हैं।
कांवड़ यात्रा और गंगनहर से जुड़ी जरूरी बातें
गंगनहर का खतरा: हरिद्वार में गंगनहर का पानी न सिर्फ बेहद ठंडा होता है, बल्कि ऊपरी सतह पर शांत दिखने के बावजूद नीचे का बहाव बहुत तेज और खतरनाक होता है। अक्सर यात्री इसे सामान्य नदी मानकर उतर जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसे पहले भी सामने आते रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी: सावन के महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंचते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन बार-बार अलर्ट जारी करता है कि कांवड़िए जंजीरों (सेफ्टी चैन) और घाटो पर बने सुरक्षा घेरों को छोड़कर गहरे पानी या बहाव वाले इलाकों में न जाएं।
सावधानी ही बचाव है: अगर कोई साथी पानी में डूब रहा हो, तो तुरंत खुद पानी में छलांग लगाने के बजाय आसपास मौजूद गोताखोरों, पुलिस को आवाज दें या किनारे से कोई रस्सी/कपड़ा फेंककर उसकी मदद करने की कोशिश करें। तेज बहाव में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।

