जाखल रेलवे ओवरब्रिज निर्माण में देरी पर फूटा लोगों का गुस्सा, 6 अगस्त को हाईवे जाम की चेतावनी; समाधान नहीं हुआ तो होगा रेल रोको आंदोलन
4 अगस्त को होगी प्रशासन के साथ बैठक, 15 सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन
जाखल/30 जुलाई 2026/योगेश खनेजा /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
जाखल में रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर गुरुवार को लोगों का गुस्सा खुलकर सामने आया। पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति, हरियाणा व भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों, आढ़तियों, राइस मिल संचालकों तथा अन्य प्रभावित लोगों ने रेलवे ओवरब्रिज के नीचे जाखल की ओर धरना-प्रदर्शन कर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग उठाई।
धरना सुबह करीब 10 बजे शुरू हुए धरने में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने कहा कि रेलवे द्वारा जाखल रेलवे ओवरब्रिज के ऊपरी हिस्से को इसलिए ऊंचा किया जा रहा है, बता दे की रेलवे द्वारा इस पर डबल रेलवे ट्रैक की गाड़िया चलाएगा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वे स्वागत करते हैं, लेकिन निर्माण कार्य की अत्यंत धीमी गति आम जनता के लिए भारी परेशानी का कारण बन गई है।
धरने को संबोधित करते हुए किसान नेताओं ने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने से पहले संबंधित एजेंसी ने तीन से छह महीने के भीतर काम पूरा करने का आश्वासन दिया था।
हालांकि कई महीने बीत जाने के बाद भी कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्तमान में ओवरब्रिज पर केवल दो मजदूर ही काम करते दिखाई दे रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो निर्माण कार्य पूरा होने में दो वर्ष तक का समय लग सकता है। किसानों ने कहा कि ओवरब्रिज बंद होने के कारण किसानों, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है।
इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ परिवहन खर्च भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आगामी धान सीजन में स्थिति और गंभीर हो जाएगी, क्योंकि किसानों को फसल मंडी तक पहुंचाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
बता दे की किसान नेताओं ने धरने से दो दिन पहले ही ब्लॉक जाखल के किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, कर्मचारियों, आढ़ती संगठनों, राइस मिल एसोसिएशन तथा इस मार्ग से प्रभावित सभी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई थी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग धरने में पहुंचे।

15 सदस्यीय कमेटी का हुआ गठन
धरने के दौरान आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 15 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया। इस समिति में किसान संगठनों, राइस मिल एसोसिएशन, आढ़ती एसोसिएशन तथा अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया।
कमेटी में लाभ सिंह, नसीब सिंह, हरविंदर सिंह, कांत जैन, आदित्य बंसल, दीप चहल, राशविंदर सिंह, उत्तम सिंह, चरनजीत सिंह, अमन कुमार, नवजोत सिंह, गगू सिंह, सुरेश गर्ग, अंग्रेज सिंह और रजनीश जैन को सदस्य बनाया गया।
5 अगस्त तक समाधान नहीं तो 6 अगस्त को हाईवे जाम
धरने के बाद संघर्ष समिति ने जाखल के नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि 5 अगस्त तक प्रशासन के साथ बैठक कर निर्माण कार्य में तेजी लाने का ठोस निर्णय लिया जाए।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि बैठक में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 6 अगस्त को चंडीगढ़–बुढ़लाडा हाईवे जाम किया जाएगा। वहीं, यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान रेल रोको आंदोलन शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
4 अगस्त को होगी प्रशासन के साथ बैठक
ज्ञापन लेने पहुंचे जाखल के नायब तहसीलदार राशविंदर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि उपमंडल अधिकारी (एसडीएम) टोहाना द्वारा 4 अगस्त को प्रशासन और किसान प्रतिनिधियों की बैठक पहले से निर्धारित की जा चुकी है।
इस पर किसानों ने कहा कि उनकी 15 सदस्यीय संघर्ष समिति बैठक में शामिल होकर प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से रखेगी और निर्माण कार्य में शीघ्र तेजी लाने की मांग करेगी। बता दे की प्रशासन द्वारा जारी किए गए पत्र के अनुसार रेलवे के अधिकारी व मार्किट कमेटी के अधिकारीयों के साथ किसान भी मोजूद रहेंगे।
इस धरने में दीपक कुमार,दीपी सिंगला, कांत जैन,विकास कांसल, सतीश भोला, बबलू सिंगला,लखविंद्र साधनवास,जगपाल सिंह, संजय सिधानी,बलकार सिंह, नसीब सिंह, सुरेश गर्ग, नवजोत सिंह,अशोक गर्ग नपा वाइस चेयरमैन,अंग्रेज सिंह तलवाड़ा सहित काफी संख्या इलाका वासी मौजूद रहे।
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