रेवाड़ी की ‘हाईटेक’ जेल बनी अखाड़ा: बैरक का गेट खोलने पर बंदियों में खूनी लात-घूंसे, 9 पर FIR दर्ज
अड़ंगेबाजी ऐसी कि जेल भी अखाड़ा बन जाए!
रेवाड़ी/31 जुलाई 2026 /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
करोड़ों रुपये फूंककर जिस रेवाड़ी जिला जेल को ‘अत्याधुनिक और अभेद्य’ बताकर ढोल पीटा गया था, उसकी सुरक्षा की धज्जियां उड़ चुकी हैं। 29 जुलाई की दोपहर जेल के अंदर बंदियों ने वो तांडव मचाया कि जेल प्रशासन की पसीने छूट गए। मामला कोई बहुत बड़ा नहीं था—बस इतनी सी बात कि ‘बैरक का गेट पहले किसके लिए खुलेगा!’ इसी छोटी सी बात पर दबंगई दिखाने के चक्कर में हवालाती आपस में भिड़ गए और जमकर लात-घूंसे चले।
मारपीट में करीब एक दर्जन बंदियों की तुड़ाई हुई है, जिनमें से 3 की हालत गंभीर बनी हुई है। जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तब जाकर जेल के सुरक्षाकर्मियों को होश आया और उन्होंने लाठियां भांजकर जैसे-तैसे बंदियों को अलग-अलग किया।
बैरक खुलते ही ‘अहम’ की लड़ाई, फिर शुरू हुई मार-पिटाई
घटना दोपहर करीब 3 बजे की है। रोज की तरह बंदियों की गिनती पूरी हुई और ब्लॉक नंबर 2 और 3 के बैरक खोले जा रहे थे। बस यहीं से शुरू हुआ असली नाटक।
बाहर गैंगवार के आरोप में बंद माजरा का चर्चित सरपंच रविंद्र उर्फ ‘हाथी’ अपने गुट के साथ अड़ गया और दूसरी तरफ रोशन का पक्ष था। बहस इस बात पर थी कि गेट पहले हमारे ब्लॉक का खुलेगा या तुम्हारे। देखते ही देखते जुबानी जंग खूनी झड़प में बदल गई। ब्लॉक-2 के बंदियों ने आव देखा न ताव, सीधे ब्लॉक-3 में बंद रोशन (गुरुग्राम), वेदप्रकाश (रेवाड़ी) और इन्द्र (रेवाड़ी) पर धावा बोल दिया।
अस्पताल में भर्ती, किसी का सिर फूटा तो किसी के जिस्म पर चोटें
झगड़ा शांत कराने के बाद घायलों को तुरंत रेवाड़ी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जब पट्टी बांधी तो पता चला कि इन्द्र के शरीर पर 4, रोशन को 3 और वेदप्रकाश को 2 गंभीर चोटें आई हैं।

जेल के उप-सहायक अधीक्षक परमिंद्र भारद्वाज ने तुरंत सदर थाने में शिकायत ठोकी, जिसके बाद पुलिस ने माजरा सरपंच रविंद्र ‘हाथी’ समेत 9 बंदियों को नामजद कर लिया है।
इन्हीं 9 सुरमाओं पर हुई FIR:
रविंद्र उर्फ हाथी (सरपंच, माजरा),शीशपाल (माजरा),सचिन व नवीन (ऊंची भांडोर, महेंद्रगढ़),दीपक (भूरी),तरुण (गुज्जरवास),साहिल,(काठवास),सोनू (प्रतापपुर),साहिल (सोनीपत)
बाहर टांग काटी, अंदर भी वही गुंडागर्दी
मुख्य आरोपी रविंद्र ‘हाथी’ कोई सीधा-साधा नाम नहीं है। यह वही सरपंच है जिसने जनवरी में अपनी पुरानी रंजिश के चलते भालखी के सरपंच प्रतिनिधि धौलिया पर ऐसा हमला करवाया था कि उसकी एक टांग काटनी पड़ गई थी। बाहर तो दहशत फैलाई ही, अब जेल के अंदर भी अपना सिक्का चलाने की फिराक में है।
कागजों में ‘हाईटेक’, हकीकत में ‘सफेद हाथी’
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 15 जून 2025 को इस ‘हाईटेक’ जेल का फीता काटा था। बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन 1 साल के अंदर ही इस जेल का रिपोर्ट कार्ड बेहद शर्मनाक रहा है:
27 मार्च 2026: दो शातिर ठग 20 फीट ऊंची दीवार फांदकर फुर्र हो गए। 7 कर्मचारी सस्पेंड हुए।
27 सीना ठोककर मौत: 27 जुलाई को राहुल नाम के बंदी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई।
29 जुलाई 2026: बैरक के गेट पर ही बंदियों ने आपस में अखाड़ा जमा लिया।
अब सवाल यह उठता है कि क्या जेल प्रशासन सिर्फ बैरक की चाबी घुमाने के लिए बैठा है या अंदर गुटबाजी खत्म करने का भी कोई प्लान है? पुलिस कह रही है जांच जारी है, पर सच तो यह है कि ‘हाईटेक’ का तमगा सिर्फ बोर्ड पर लिखा रह गया है।

