सावन की पहली बरसात राहत से अधिक बन गई आफत
पटौदी पुरानी अनाज मंडी हेली मंडी बन गई बरसाती पानी की झील
स्थानीय प्रशासन के जल निकासी व्यवस्था के दावे बेदम साबित हुए
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बरसाती पानी भरने से बन गए गंभीर सवाल
पटौदी।04 अगस्त /अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स/फतह सिंह उजाला
सावन के आरंभ होते ही पहली बरसात पटौदी जाटोली मंडी परिषद क्षेत्र में आम लोगों के लिए राहत से अधिक आफत बन गई । जगह-जगह बरसाती पानी भरने और वॉटर लॉगिंग के कारण स्थानीय प्रशासन के जल निकासी के दावे भी बेदम साबित हुए ।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद का चुनाव लड़े समाजसेवी सुशील कुमार लालू का कहना है कि पटौदी जाटोली मंडी परिषद के द्वारा काम कम और प्रचार अधिक किया जा रहा है।
मंगलवार को हुई बरसात के बाद विभिन्न स्थानों पर जल भराव ने पटौदी जाटोली मंडी परिषद प्रशासन के डिजास्टर मैनेजमेंट की भी पोल खोल कर रख छोड़ी है। अनाज के व्यापार के लिए एशिया में विख्यात रही पुरानी हेली मंडी अनाज मंडी में बरसाती पानी की झील बन जाने के कारण बहुत से दुकान अथवा प्रतिष्ठान बंद रखना व्यापारियों की मजबूरी बन गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पुराना हेली मंडी अनाज मंडी में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया गया । इसी प्रकार से पटौदी जाटोली मंडी परिषद के चुनाव के उपरांत परिषद के द्वारा मुंशीलाल आनंद स्कूल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाटोली के सामने महात्मा ज्योतिबा फुले सामुदायिक भवन परिसर में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगवाया गया ।
इसी प्रकार से और भी स्थान पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बताए गए हैं। मंगलवार को बरसात होने कई कई घंटे बाद तक बरसाती पानी का भरे रहना वाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था पर अपने आप ही एक गंभीर सवाल बन गया। पहले भी इस समस्या और मुद्दे को कई बार समाचार पत्रों के माध्यम से उठाया जा चुका है। पुराना हेली मंडी क्षेत्र में बरसाती पानी निकासी की अथवा ड्रेनेज की कोई ठोस व्यवस्था या सुविधा उपलब्ध नहीं है । इसी समस्या को एक बार फिर से मंगलवार को हुई बरसात उजागर कर छोड़ा है।
पटौदी जाटोली मंडी सीमा क्षेत्र में ही मौजूद पुराना पटौदी नगर पालिका क्षेत्र के व्यापारी मोहल्ला, पटौदी रेवाड़ी सड़क मार्ग पर बरसात के बाद लंबे समय तक बरसाती पानी भरे रहने की वजह से लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। प्रबुद्ध लोगों के मुताबिक खास तौर से मानसून के दौरान आम लोगों को राहत देने के लिए स्थानीय निकाय प्रशासन के पास डिजास्टर मैनेजमेंट बजट उपलब्ध करवाया जाता है या इसका प्रावधान भी है।
लंबे समय तक बरसाती पानी इस हालत में भरा रहेगा, जब बरसाती पानी निकासी के नाले की समय बाद या मानसून के आरंभ होने से पहले सही प्रकार से सफाई नहीं की जाएगी। इसका एक और मुख्य कारण यह भी है कि बरसाती पानी निकासी की कोई ठोस व्यवस्था अथवा सुविधा नहीं है।
अधिकांश ड्रेनेज या नालों को सीवरेज सिस्टम के साथ जोड़ा गया है । स्थानीय दुकानदारों और लोगों का यही कहना है कि अभी तो मानसून का आरंभ है। आने वाले समय में बरसात और बरसाती पानी स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ पटौदी जाटोली मंडी परिषद की परीक्षा भी लेगा।
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