अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट: यूरोप में ‘गोल्डन वीजा’ के कड़े नियमों के बीच लातविया बना निवेशकों का नया केंद्र
दिल्ली / 04 अगस्त 2026 / अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
यूरोपीय देशों में रेजीडेंसी-बाय-इन्वेस्टमेंट (गोल्डन वीजा) कार्यक्रमों को लेकर कड़े कदम उठाए जाने के बीच उत्तरी यूरोप का देश लातविया विदेशी निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। ‘ग्लोबल सिटीजन सॉल्यूशंस’ की रिपोर्ट के अनुसार, जहां एक तरफ यूरोपीय संघ (EU) के कई देश निवेश नियमों में सख्ती और न्यूनतम सीमा में बढ़ोतरी कर रहे हैं, वहीं लातविया यूरोपीय अर्थव्यवस्था में प्रवेश का एक किफायती विकल्प प्रदान कर रहा है।
लातविया गोल्डन वीजा से जुड़े मुख्य बिंदु:
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किफायती निवेश विकल्प: लातविया में न्यूनतम €50,000 (व्यावसायिक निवेश) और €10,000 के सरकारी शुल्क से ईयू रेजीडेंसी प्राप्त की जा सकती है, जो यूरोप के सबसे सस्ते विकल्पों में से एक है।
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शेंगेन क्षेत्र की यात्रा: इस कार्यक्रम के माध्यम से निवेशकों और उनके परिवारों को 29 शेंगेन देशों में बिना वीजा यात्रा की सुविधा मिलती है।
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रहने की अनिवार्यता नहीं: निवेशकों को स्थायी रूप से लातविया में रहने की आवश्यकता नहीं होती; वे केवल वार्षिक नवीनीकरण के जरिए अपनी रेजीडेंसी बनाए रख सकते हैं।
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इमिग्रेशन कानून में भावी संशोधन: लातवियाई संसद (Saeima) में आव्रजन कानून में सुधारों पर चर्चा जारी है, जिसके तहत रियल एस्टेट और बैंक डिपॉजिट रूट को सीमित कर प्रत्यक्ष व्यावसायिक/इक्विटी निवेश और राज्य कोष पर जोर दिया जा रहा है।
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समय सीमा: 2026 के अंत तक मौजूदा नियमों के तहत आवेदन करने की विंडो खुली हुई है, जिसके बाद पात्रता और मानदंडों में बदलाव संभावित हैं।
यूरोपीय संघ में बड़े पूंजीगत निवेशों के बिना व्यावसायिक पकड़ और वैश्विक गतिशीलता चाहने वाले निवेशकों के लिए लातविया का यह कार्यक्रम बेहद आकर्षक और व्यावहारिक ‘Plan B’ साबित हो रहा है।

