दुनिया भर में बढ़ती नफरत और उग्रवाद के बीच CSOH और DSP हुए एकजुट, वैश्विक स्तर पर चलेगा बड़ा अभियान
वॉशिंगटन डी.सी/ 8 जून 2026/अटल हिन्द ब्यूरो
घृणा, कट्टरवाद और खतरनाक भाषणों पर शोध करने वाली दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं—सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट (CSOH) और डेंजरस स्पीच प्रोजेक्ट (DSP)—ने अपने औपचारिक विलय की घोषणा की है। इस समझौते के तहत अब तक न्यू वेंचर फंड के अंतर्गत संचालित डेंजरस स्पीच प्रोजेक्ट (DSP) को CSOH का हिस्सा बना दिया गया है।
दोनों संस्थाएं पिछले तीन वर्षों से घृणा, उग्रवाद और संगठित नफरत से जुड़े मुद्दों पर मिलकर कार्य कर रही थीं। इस दौरान उन्होंने नफरत और चरमपंथ के नेटवर्क का अध्ययन करने, उनके प्रभावों का आकलन करने तथा उनसे निपटने के प्रभावी उपाय विकसित करने में सहयोग किया। इस साझेदारी ने दोनों संगठनों की दृष्टि, मिशन और उद्देश्यों में गहरी समानता को उजागर किया, जिसके परिणामस्वरूप यह विलय एक स्वाभाविक और तार्किक कदम बन गया।
यह गठबंधन ऐसे समय में हुआ है जब दुनिया भर में संगठित और सीमा-पार संचालित होने वाले चरमपंथी आंदोलनों का विस्तार हो रहा है। राजनीतिक हिंसा में वृद्धि देखी जा रही है और ऐसे खतरनाक भाषण तेजी से फैल रहे हैं जो समाज के सबसे कमजोर और संवेदनशील वर्गों को निशाना बनाते हैं। साथ ही, अधिनायकवादी प्रवृत्तियां भी मजबूत हो रही हैं और इन खतरों का अध्ययन करने वाले शोधकर्ता, संगठन और संस्थान स्वयं दबाव, धमकियों तथा हमलों का सामना कर रहे हैं।
CSOH और DSP का मानना है कि अपने शोध, विशेषज्ञता और संसाधनों को एक मंच पर लाकर वे इन चुनौतियों का अधिक संगठित, मजबूत और प्रभावी ढंग से सामना कर सकेंगे। DSP अपनी मौजूदा शोध परियोजनाओं, कार्यक्रमों और प्रतिबद्धताओं को पहले की तरह जारी रखेगा, लेकिन अब यह कार्य CSOH के व्यापक ढांचे के अंतर्गत होगा।
CSOH के कार्यकारी निदेशक रकीब नाइक ने कहा कि DSP को CSOH में शामिल करना उस करीबी साझेदारी को औपचारिक रूप देना है जिसने पहले ही दोनों संगठनों की दिशा और कार्यप्रणाली को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा, “हम ऐसे दौर का सामना कर रहे हैं जब घृणा और उग्रवाद पहले की तुलना में कहीं अधिक संगठित, अंतरराष्ट्रीय और साहसी हो चुके हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि इन विषयों पर शोध करने वाले लोग भी अब खतरे में हैं। ऐसे समय में हमारे प्रयासों का एकीकरण इस चुनौती का गंभीरता से सामना करने का सबसे प्रभावी तरीका है। हमें DSP की संस्थापक निदेशक सुसान बेनेश और उनकी पूरी टीम का स्वागत करते हुए बेहद खुशी हो रही है। हमें विश्वास है कि मिलकर हम इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करेंगे।”
DSP की संस्थापक निदेशक सुसान बेनेश ने कहा कि CSOH जैसी तेजी से विकसित हो रही और दूरदर्शी संस्था के साथ औपचारिक रूप से जुड़ना उनके लिए उत्साहजनक अवसर है।
उन्होंने कहा, “मुझे ऐसा कोई समय याद नहीं आता जब घृणा-प्रेरित अधिनायकवाद और सामाजिक ध्रुवीकरण इतनी तेजी से बढ़ रहे हों। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि नफरत के खिलाफ सबसे रचनात्मक और प्रभावी तरीकों से काम किया जाए। CSOH के साथ मिलकर हम ऐसा करने में और अधिक सक्षम होंगे।”
सुसान बेनेश के अनुसार, दोनों संगठनों का संयुक्त मंच घृणा और उग्रवाद के खिलाफ कार्य करने वाला एक विशिष्ट और प्रभावशाली वैश्विक समूह बनेगा, जिसकी जड़ें विभिन्न देशों और समुदायों तक फैली होंगी तथा जिसमें अनेक विषयों के विशेषज्ञ शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि अधिकांश संस्थाएं किसी विशेष प्रकार की घृणा या किसी एक देश पर केंद्रित रहती हैं, जबकि CSOH और DSP का संयुक्त प्रयास अधिक व्यापक, तुलनात्मक और वैश्विक दृष्टिकोण अपनाएगा। उन्होंने बताया कि दोनों टीमें पहले से ही मिलकर काम कर रही हैं और निकट भविष्य में नए विचारों, शोध निष्कर्षों तथा उपयोगी उपकरणों को सार्वजनिक करने की तैयारी कर रही हैं।


