विकास के नाम पर धोखाधड़ी चुनाव में कर ली वोटो की ठगी !
स्मार्ट रोड की तरह गली को भी स्मार्ट गली बनाने में क्या परेशानी
परिषद चुनाव में वोट लेकर गली और वोटर को भूल गए विजेता पार्षद
बिना बरसात के ही गंदे पानी की नहर बनी रहती है यह चौड़ी लंबी गली
सुबह बच्चों का स्कूल जाना और दिन ढले कामकाजी लोगों का लौटना समस्या
हेलीमंडी/गुरुग्राम /24 जुलाई 2026 /न्यूज रिसोर्स /फतह सिंह उजाला
पटौदी जाटोली मंडी परिषद में दो सड़क मार्ग स्मार्ट रोड बनाने को लेकर कथित खींचतान और जबरदस्त राजनीति हो रही है। परिषद और पार्षदों के द्वारा सभी वार्ड में बिना किसी भेदभाव के विकास के दावे ठोके जा रहे हैं। मानसून आरंभ होते ही जनप्रतिनिधियों के दावे के मुताबिक विकास अपनी पोल पट्टी खुद खोलता दिखाई दे रहा है।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के वार्ड 6 , 7 और 8 के पार्षदों के द्वारा परिषद चुनाव के समय किए गए वादे उनके लिए अपने आप में बड़ा चैलेंज बन गए ।यहां के रहने वाले लोगों का सीधा और सरल सवाल है कि स्मार्ट रोड अथवा सड़क की तरह ही इस गली को भी स्मार्ट गली बनाने में क्या परेशानी है ?

पिछड़े और गरीब वर्ग के दैनिक कामकाजी लोग सुबह अंधेरे 6:00 बजे घर से निकलना आरंभ होते हैं । अनगिनत लोग ट्रेन से आवागमन करने वाले दैनिक यात्री भी हैं । सबसे बड़ी समस्या और चैलेंज महिलाओं और माता के लिए बच्चों को स्कूल पहुंचना या फिर बच्चों के लिए स्कूल जाना बना हुआ है।
मानसून के दौरान सफाई के अभाव और गंदा पानी निकासी नहीं होनी के कारण जल जनित बीमारियां के अलावा सीजनल बीमारियां भी अपने पांव पसारने लगी हैं । गंदे पानी की बदबू की वजह से यहां रहने वाले अनगिनत निवासी परेशान हो चुके हैं ।
इस गली को नहीं बनाए जाने की वजह से फेरी लगाकर साग सब्जी बेचकर अपना पेट भरने वाले भी गंदे पानी में आने जाने की वजह से चर्म रोग होने से डरे रहते हैं। दिन ढले कई बार बिजली गुल होने पर इसी गली में पानी भरा होने की वजह से आने जाने वाले दो पहिया वाहन चालक, बच्चे, और बुजुर्ग हादसों का शिकार हो चुके हैं।
इसी गली में शिव शक्ति मंदिर भी है । श्रद्धालु लोगों सहित विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं का मंदिर में आना-जाना भी एक गंभीर समस्या बन गया है। यही के रहने वाले लाल सिंह, दर्शना कुमारी, राजेंद्र फौजी, रोहित कुमार, महेश कुमार, के मुताबिक चुनाव से पहले वोट मांगने के लिए आने वाले उम्मीदवारों के द्वारा यहां की सबसे गंभीर समस्या सीवरेज पाइप बदलवाने का आश्वासन दिया गया ।
इसके साथ ही इस लंबी चौड़ी गली को सुंदर और समतल बनाने का भी भरोसा दिलाया गया। यहां भरी रहने वाले गंदे पानी और उससे हो रही आम लोगों को परेशानी के विषय में समय-समय पर पार्षदों को जानकारी देकर अवगत करवाया जाता आ रहा है ।
लेकिन पार्षदों की बेरुखी से यही साबित हो रहा है कि चुनाव जीतने के बाद इस गली का रास्ता भूल गए। विकास के नाम पर भोली भाली जनता की भावना से खिलवाड़ कर वोटो को ठग लिया गया।

यहीं पर ही रहने वाले नीरज, उषा, धर्मेंद्र, पवन कुमार, धर्म सिंह, वीणा व अन्य के मुताबिक जनता के चुने हुए पार्षदों की बात तो अलग है ,भाजपा को वोट देकर लोगों के द्वारा चुनी गई विधायक विमला चौधरी ने भी चुनाव के बाद एक बार इस गली में और लोगों के बीच आना जरूरी ही नहीं समझा है।
लोगों का कहना है कि जनता के चुने हुए पार्षद विकास कार्यों को करवाने और समस्याओं के समाधान से अधिक भ्रष्टाचार के आरोप उछलते हुए जनता के द्वारा किए गए विकास के वादों से दूर भागते दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों की एक ही मांग है जल्द से जल्द इस गली का स्मार्ट रोड की तर्ज पर स्मार्ट गली के रूप में निर्माण किया जाए। यह बात अलग है कि गली को नहीं बनाने के लिए गली निर्माण की फाइल भी कहीं सरकारी दफ्तरों में पार्षदों के इशारे पर चक्कर ही नहीं लगती रहे।
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