हरियाणा मंत्री श्याम सिंह राणाऔर परिवार पर PNB का 11.74 करोड़ का नोटिस आम आदमी पर पुलिस, नेता पर कागजी कार्रवाई – दोहरे कानून का पर्दाफाश
चंडीगढ़ / 04 अगस्त 2026/अटल हिन्द न्यूज रिसोर्स
दोहरे कानून का सबसे बड़ा प्रमाण: पंजाब नेशनल बैंक ने हरियाणा के मंत्री और उनके परिवार पर करोड़ों के लोन की वसूली का नोटिस जारी किया, लेकिन आम आदमी पर तो पुलिस लेकर घर पहुँच जाते हैं!
कैथल जिले से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने स्टार राईस इंडस्ट्रीज और उससे जुड़े कई व्यक्तियों के खिलाफ बकाया राशि की वसूली का नोटिस जारी किया है। बैंक ने ऋण वसूली अधिकरण-II, चंडीगढ़ में आरसी नंबर 569/2019 के तहत यह नोटिस छापा है, जिसमें कुल 11,74,34,556.89 रुपये (लगभग 11.74 करोड़ रुपये) की राशि ब्याज सहित वसूली का दावा किया गया है।
नोटिस में जिन नामों का जिक्र है, उनमें श्री श्याम सिंह राणा (पुत्र श्री चिहित्तर सिंह) और उनके परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। स्थानीय सूत्रों और समाचार रिपोर्टों के अनुसार, ये नाम हरियाणा सरकार के एक मंत्री और उनके बेटों तथा भतीजों से जुड़े बताए जा रहे हैं। नोटिस में गांव चानलहेड़ी, तहसील पेहोवा, जिला कुरुक्षेत्र और कैथल के डाकघर बाटा आदि स्थानों के निवासियों के नाम दर्ज हैं।
आम आदमी के साथ बैंक का रवैया और नेताओं के साथ नरमी – दोहरे मापदंड साफ!
यह मामला एक बार फिर से दोहरे कानून और बैंकों की दोहरी नीति को उजागर करता है। अगर यही लोन किसी आम आदमी, किसान या छोटे व्यापारी पर होता, तो बैंक के कर्मी पुलिस लेकर घर पहुँच जाते, गिरफ्तारी करवा देते, परिवार को सड़क पर ला खड़ा कर देते और संपत्ति कुर्क कर दी जाती। गरीब आदमी के लिए बैंक “गुंडे” बन जाते हैं।
लेकिन जब मामला प्रभावशाली नेता, मंत्री या उनके परिवार का होता है, तो सालों तक नोटिस छपते रहते हैं, प्रक्रिया लंबी खिंचती है और कोई सख्ती नहीं दिखती। पहले भी कई बड़े कर्जदारों (जिनमें राजनीतिक प्रभाव वाले लोग शामिल रहे) के मामलों में यही देखा गया है – बैंक चुपचाप बैठे रहते हैं या सिर्फ कागजी कार्रवाई करते हैं।
क्या कहलाता है यह रिश्ता?
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है – “इस मामले में रिश्ता क्या कहलाता है?”
जब आम आदमी पर लोन का बोझ पड़ता है तो बैंक “कानून का राज” लागू करते हैं, लेकिन नेता और उनके परिवार पर जब करोड़ों का बकाया होता है तो “नरम रवैया” अपनाया जाता है। क्या यही है बैंक पॉलिसी? क्या यही है समान कानून?
नोटिस में 13 अगस्त 2026 को अचल संपत्ति पर किसी भी दावेदार को अपनी शर्तें पेश करने का मौका दिया गया है। लेकिन आम जनता पूछ रही है – क्या इस बार भी सिर्फ नोटिस छापकर मामला ठंडा पड़ जाएगा, या वाकई वसूली होगी?

