बरगट जट्टान में स्कूल बस हादसा टला: धान के खेत में उतरी बस, सभी बच्चे सुरक्षित
बाबैन /22 जुलाई 2026 /सुरेश अरोड़ा
बाबैन खंड के गांव बरगट जट्टान में स्कूल बस हादसा होने से बाल-बाल बच गया। बुधवार सुबह बच्चों को लेकर मथाना जा रही एक निजी स्कूल बस अनियंत्रित होकर सड़क से उतरकर सीधे धान के पानी भरे खेत में चली गई। राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी स्कूली बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें ग्रामीणों की मदद से समय रहते सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
सामने से आ रहे वाहन को साइड देते समय हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार मदर टेरेसा मॉडर्न पब्लिक स्कूल, मथाना की बस सुबह गांव बरगट जट्टान से बच्चों को लेकर स्कूल के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान बाबैन-बरगट जट्टान मार्ग पर सामने से आ रहे एक अन्य वाहन को पास (साइड) देने के प्रयास में चालक ने बस को किनारे किया, जिससे बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे उतरकर धान के खेत में जा घुसी।
खेत में उतरते ही बस असंतुलित होकर पलटने जैसी स्थिति में आ गई थी, लेकिन चालक की सूझबूझ और मौके पर मौजूद ग्रामीणों की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया।
तत्काल पहुंचे ग्रामीण: घटना की खबर मिलते ही आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बस में फंसे सभी बच्चों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में किसी भी बच्चे को कोई चोट नहीं आई है, जिसके बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष
इस बरगट जट्टान में स्कूल बस हादसा के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने इसके लिए सड़क की खस्ताहाल स्थिति को जिम्मेदार ठहराया।
गांव बरगट जट्टान के निवासियों—अमन सैनी, चंदा सैनी, संजीव कुमार, विकास थलीपुर, रामकरण, पाला, अवतार टाटका तथा पंच अंकित पुनिया ने बताया कि:
बाबैन से बरगट जट्टान मार्ग पर हनुमान मंदिर से लेकर गांव तक सड़क के दोनों ओर के कच्चे बर्ज (किनारे) पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं।
सड़क के किनारे गहरे गड्ढे होने के कारण जब भी दो वाहन आमने-सामने आते हैं, तो दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों को इस समस्या के बारे में कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। सड़क किनारे टूट-फूट होने के कारण पहले भी कई लोग चोटिल हो चुके हैं।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन लोगों की जान जोखिम में डाल रहा है। उन्होंने सरकार और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि:
सड़क के दोनों ओर टूटे किनारों की तुरंत मरम्मत करवाई जाए।
लापरवाही बरतने वाले लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया, तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

