भ्रष्टाचार परेशान , पटौदी जाटोली मंडी परिषद की बैठक स्थगित !
भ्रष्टाचार का भूत एक बार फिर से बोतल में ही बंद रहने को मजबूर
एमएलए बिमला ने दिए थे 5 जून शुक्रवार को बैठक बुलाने के आदेश
पुराना हेलीमंडी से रामपुर और मिर्जापुर सड़क निर्माण स्वीकृति मुख्य एजेंडा
परिषद चेयरमैन के विरोधी पार्षदों को लगा धीरे से जोर का झटका
पटौदी /4 जून / अटल हिन्द ब्यूरो /फतह सिंह उजाला
पटौदी जाटोली मंडी परिषद में विकास कार्यों और उनकी मंजूरी, भुगतान को लेकर पार्षदों की खींचतान को देखते हुए विधायक विमला चौधरी ने 5 जून शुक्रवार को परिषद की सामान्य बैठक बुलाने का दावा करते निर्देश दिए । कथित रूप से पटौदी जाटोली मंडी परिषद हाउस की सामान्य बैठक के स्थगित होने की जानकारी सामने आई है । इसकी पुष्टि परिषद के ही एक निर्वाचित पदाधिकारी के द्वारा की गई है। इस बैठक को आहूत किया जाने की तिथि अथवा दिन विधायक के द्वारा तय की जाएगा या फिर परिषद के अध्यक्ष के द्वारा बैठक की तिथि निश्चित की जाएगी ? कुल मिलाकर कुछ मुद्दों को देखते हुए परिषद् के चेयरमैनशिप परवीन ठाकरिया के वरोधियों को निश्चित रूप से धीरे से जोर का झटका लगा है।
लगभग सप्ताह भर पहले विधायक विमला चौधरी और परिषद वाइस चेयरमैन अमित शर्मा व अन्य पार्षदों के बीच हुई बैठक के मुताबिक मुख्य मुद्दा पुराना हेली मंडी से रामपुर और मिर्जापुर तक प्रस्तावित सड़क हैं । किसी ने किसी तकनीकी कारण से इन सड़कों के निर्माण की औपचारिकता पूरी होने में विलंब होता चला आ रहा है। इसी विलंब को लेकर वाइस चेयरमैन अमित शर्मा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप उछालते हुए सीधे-सीधे परिषद के अध्यक्ष पर ही उंगली उठाते दिखाई देते हैं। पिछली बैठक में विधायक के द्वारा कहा गया कि सड़क की औपचारिकता पूरी करने वाली फाइल पर संबंधित कमेटी के तीनों सदस्यों के हस्ताक्षर हो जाते, तो यह अभी तक फाइल आगामी कार्रवाई के लिए चंडीगढ़ पहुंच जाती। कथित रूप से अपना राजनीतिक दबदबा दिखाने के लिए ही पार्षदों के द्वारा एक योजना के तहत 5 जून शुक्रवार की बैठक की प्लानिंग बनाई गई। विधायक विमला चौधरी ने यहां तक आश्वासन दिया कि इस बैठक में ही सड़क की औपचारिकता वाली फाइल पर परिषद अध्यक्ष प्रवीण टिकरिया के हस्ताक्षर करवा दिए जाएंगे।
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के अध्यक्ष प्रवीण ठाकरिया भाजपा पार्टी कैडर के समर्पित कार्यकर्ता है । पार्टी ने भाजपा की टिकट देकर उनको चुनाव लड़वाया । दूसरी तरफ पटौदी जाटोली मंडी परिषद के वाइस चेयरमैन वार्ड 6 में ही भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़कर जीतने में सफल रहे। अमित शर्मा सही मायने में परिषद अध्यक्ष चुनाव के दावेदार रहे, लेकिन यहां अध्यक्ष पद आरक्षित होने की वजह से पार्षद का चुनाव लड़ा और फिर अन्य पार्षदों के साथ ही भाजपा की सदस्यता जॉइन कर वाइस चेयरमैन बनने का सपना पूरा कर लिया।
पिछली कुछ बैठकों में उनके द्वारा पटौदी जाटोली मंडी परिषद में भ्रष्टाचार का खुला खेल खेले जाने के गंभीर आरोप लगाए जाते आ रहे हैं। ऐसे मामलों को लेकर हाउस में खूब गर्म गर्मी भी देखी जा चुकी है । लेकिन सवाल यही है कि जब अमित शर्मा के पास भ्रष्टाचार संबंधित ठोस साक्ष्य या सबूत है, तो फिर वह अपनी ही पार्टी भाजपा की विधायक विमला चौधरी, भाजपा के सांसद और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे मोहनलाल बडोली ,स्थानीय अध्यक्ष अजीत यादव, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विभाग के मंत्रियों या फिर अन्य एजेंसियों को देने से पीछे हटते हुए क्यों दिखाई दे रहे हैं ? अब इंतजार केवल इस बात का है कि पटोदी जाटोली मंडी परिषद की आगामी बैठक किस दिन और किस तिथि को होना निश्चित की जाएगी।
Add A Comment


