दर्शन कर बुजुर्ग बोले- जुग-जुग जियो नायब सैनी, तनै बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम सोमनाथ के दर्शन का दिया सौभाग्य
-सोमनाथ मंदिर में बुजुर्गों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश सुख-शांति व समृद्धि की करी कामना
-सोमनाथ धाम में बने कई मंदिरों व तीर्थ स्थलों पर भगवान के किए दर्शन
कुरुक्षेत्र, / 10 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /शशि अरोड़ा
..जुग-जुग जियो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, तनै बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम भगवान सोमनाथ के दर्शन करण का सौभाग्य दिया। हे भगवान सोमनाथ, म्हारे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके परिवारजन हरियाणा वासियों को हमेशा सुख, शांति और समृद्धि देना।
ये शब्द उन बुजुर्गों के हैं, जो हरियाणा प्रदेश से मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का लाभ लेते हुए गुजरात सोमनाथ मंदिर में दर्शन करने पहुंचे हैं। बुधवार को प्रदेश के करीब 1100 बुजुर्गों ने प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन किए।
यात्री में शामिल नागरिकों ने सोमनाथ मंदिर के साथ-साथ अन्य मंदिरों व धाम का भ्रमण करते हुए भगवान के दर्शन भी किए। भगवान श्री राम मंदिर में बुजुर्गों ने राम-राम जाम को वहां पर रखे रजिस्टर में अंकित किया।
श्रद्घालु हर हर महादेव के जयघोष से अलग-अलग स्थलों पर भगवान के दर्शन करके प्रार्थना करते रहे। प्रदेश सरकार ने गुजरात में भी बुजुर्गों के साथ रहने, खाने -पीने और आने-जाने की संपूर्ण व्यवस्था उपलब्ध करवाई है।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डा. नरेंद्र सिंह ने कहा कि बुजुर्गों को प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ मंदिर में दर्शन करवाए गए हैं। सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है।
बताया गया कि चंद्रदेव ने अपने कष्टों से मुक्ति पाने के लिए यहां भगवान शिव की कठोर तपस्या की थी। जिसके बाद भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में यहां प्रकट हुए और तभी से यह स्थान सोमनाथ कहलाया।
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर का इतिहास भारत की धैर्यगाथा और आध्यात्मिक शक्ति का इतिहास है। विदेशी आक्रांताओं ने इस मंदिर को अनेक बार गिराया, लेकिन हर बार यह मंदिर और अधिक साहस एवं आस्था के साथ पुन: खड़ा हुआ।
इससे विदेशा आक्रांताओं का बताया कि सनातन केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि भारत के जन-जन के हृदय में बसता है। वर्ष 1026 में हुए इस आक्रमण के बाद सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हजार वर्षों की धैर्यगाथा और अटूट आस्था का प्रतीक है।
कैथल के पाई निवासी सुरजमल, नफे सिंह, चरखी दादरी निवासी पृथ्वीराज और रेवाड़ी निवासी खेमचंद ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गुजरात में उनके लिए शादी समारोह जैसी व्यवस्था की है।
ट्रेन भी एसी वाली रही, खाना-पीने का उचित प्रबंध, रोजाना डॉक्टरों द्वारा स्वास्थ्य की जांच के साथ पूरी देखभाल की जा रही है। ऐसा पहले की किसी भी सरकार ने बुजुर्गों के लिए नहीं किया। इन सभी प्रबंधों और योजना से जो सौभाग्य उन्हें मिला है, इस सौभाग्य को देने वाले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को कोटि कोटि धन्यवाद करते हैं।
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