जंतर-मंतर पर छात्रों के बर्बर दमन के खिलाफ केवाईएस का प्रदर्शन, मोदी सरकार का पुतला फूंका
नरवाना/22 जुलाई 2026/नरेन्द्र जेठी
क्रांतिकारी युवा संगठन ने नरवाना में दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी तथा आंदोलनरत छात्र-युवाओं पर किए गए पुलिस लाठीचार्ज, दमन और गिरफ्तारियों के विरोध में प्रदर्शन किया । प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र की मोदी सरकार का पुतला फूंककर अपना आक्रोश व्यक्त किया तथा छात्र आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर की।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केवाईएस कार्यकर्ताओं ने कहा कि देश के छात्र और युवा पेपर लीक, परीक्षाओं में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, शिक्षा के बाजारीकरण और सरकारी संस्थानों की जवाबदेही जैसे बुनियादी सवाल उठा रहे हैं। इन सवालों का समाधान करने के बजाय मोदी सरकार पुलिस, बैरिकेड, लाठी और दमन के सहारे युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।
जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग उठा रहे छात्र-युवाओं पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला है। संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनता के लोकतांत्रिक विरोध को अपराध की तरह प्रस्तुत कर रही है। पूंजीपतियों को खुले हाथों से संसाधन और रियायतें दी जा रही हैं, जबकि रोजगार, सस्ती शिक्षा और न्याय मांगने वाले युवाओं को पुलिस दमन का सामना करना पड़ रहा है।
यह दमनकारी नीति स्पष्ट करती है कि सरकार मेहनतकश जनता के हितों के बजाय बड़े कॉरपोरेट घरानों और निजी शिक्षा कारोबारियों के हितों की रक्षा कर रही है। केवाईएस ने स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और पुलिसिया दमन से छात्र-युवा आंदोलन को समाप्त नहीं किया जा सकता। देश का युवा सम्मानजनक रोजगार, समान और वैज्ञानिक शिक्षा तथा पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहा है।
यह मांग किसी सरकार की कृपा नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। क्रांतिकारी युवा संगठन ने मांग की कि जंतर-मंतर पर छात्र-युवाओं के विरुद्ध की गई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए, हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को तत्काल रिहा किया जाए और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की उच्चस्तरीय जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों, निजी एजेंसियों तथा शिक्षा माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। ्यङ्घस् ने देशभर के छात्रों, युवाओं, मजदूरों, किसानों और लोकतांत्रिक संगठनों से शिक्षा और रोजगार के सवाल पर एक व्यापक जनांदोलन खड़ा करने का आह्वान किया।
संगठन ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि छात्र-युवाओं की आवाज को लाठियों से नहीं दबाया जा सकता। केवाईएस ने मांग की कि छात्रों पर लाठीचार्ज बंद करो, पुलिस दमन और गिरफ्तारियों पर रोक लगाओ, केंद्रीय शिक्षा धर्मेन्द्र प्रधान को बर्खास्त करो।
पेपर लीक और परीक्षा घोटालों की निष्पक्ष जांच कराओ, शिक्षा का निजीकरण और बाजारीकरण बंद करो, सभी के लिए समान, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करो व हर हाथ को सम्मानजनक रोजगार दिया जाए।

