कुवि के मनोविज्ञान विभाग में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 15 जून तक एम.ए. मनोविज्ञान के लिए कर सकते हैं आवेदन
कुरुक्षेत्र/ 10 जून / अटल हिन्द ब्यूरो /शशि अरोड़ा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में मनोविज्ञान विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
विभाग के अध्यक्ष प्रो. हरदीप लाल जोशी ने बताया कि वर्ष 1978 में स्थापित हुआ मनोविज्ञान विभाग विश्वविद्यालय के सबसे प्रतिष्ठित एवं शोधोन्मुख विभागों में से एक है। विभाग में क्लिनिकल साइकोलॉजी, सोशल साइकोलॉजी, गाइडेंस एंड काउंसलिंग, व्यक्तित्व अध्ययन, संगठनात्मक व्यवहार तथा मानसिक क्षमताओं जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञ एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा अध्यापन एवं शोध कार्य संचालित किया जाता है।
प्रो. हरदीप लाल जोशी ने बताया कि दो वर्षीय एम.ए. मनोविज्ञान कार्यक्रम में 60 नियमित सीटें उपलब्ध हैं। एक वर्षीय एम.ए. मनोविज्ञान कार्यक्रम में 13 सीटें तथा पी.जी. डिप्लोमा इन गाइडेंस, काउंसलिंग एंड साइकोथेरेपी में 25 सीटें उपलब्ध हैं।दो वर्षीय एम.ए. मनोविज्ञान कार्यक्रम के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून 2026 रात्रि 11.55 बजे तक निर्धारित की गई है,
जबकि पी.जी. डिप्लोमा इन गाइडेंस, काउंसलिंग एंड साइकोथेरेपी के लिए आवेदन 5 जुलाई 2026 तक किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि एम.ए. मनोविज्ञान कार्यक्रम के लिए प्रवेश परीक्षा 8 जुलाई 2026 को दोपहर 12.30 बजे आयोजित की जाएगी। इसी दिन उत्तर कुंजी जारी की जाएगी तथा प्रवेश परीक्षा का परिणाम 10 जुलाई 2026 को घोषित किया जाएगा। वहीं पी.जी. डिप्लोमा कार्यक्रम में प्रवेश अभ्यर्थियों के अर्हता परीक्षा में प्राप्त अंकों एवं निर्धारित वेटेज के आधार पर किया जाएगा।
प्रो. हरदीप लाल जोशी ने बताया कि विभाग की आधुनिक प्रयोगशालाएं और मनोवैज्ञानिक परीक्षण सुविधाएं इसे उत्तर भारत के अग्रणी मनोविज्ञान अध्ययन केंद्रों में स्थापित करती हैं। विभाग द्वारा संचालित साइको-क्लिनिक विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों तथा आमजन को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के लिए निःशुल्क मनोवैज्ञानिक परीक्षण, परामर्श एवं उपचार सेवाएं प्रदान करता है।
विभाग शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियां रखता है। विभाग के शिक्षकों द्वारा प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में शोध प्रकाशित किए गए हैं। हाल के वर्षों में विभाग के 22 विद्यार्थियों ने यूजीसी-नेट, जेआरएफ एवं गेट जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं, जबकि 21 शोधार्थियों को पीएच.डी. उपाधि प्रदान की जा चुकी है।
रोजगार एवं करियर संभावनाओं की दृष्टि से भी विभाग का रिकॉर्ड उत्कृष्ट रहा है। विभाग के पूर्व विद्यार्थी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उच्च शिक्षा विभाग, हरियाणा सरकार, दिल्ली सरकार, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
हाल ही में विभाग के तीन विद्यार्थियों का चयन दिल्ली कारागार विभाग में काउंसलर के रूप में हुआ है तथा एक विद्यार्थी का चयन वैज्ञानिक ‘बी’ पद के लिए सशस्त्र सेवा प्रतिष्ठानों में हुआ है।
प्रो. हरदीप लाल जोशी ने बताया कि विभाग में आईसीटी सक्षम कक्षाएं, एसपीएसएस सॉफ्टवेयर सुविधा, वाई-फाई युक्त लैपटॉप, आधुनिक प्रयोगात्मक प्रयोगशाला, मनोवैज्ञानिक परीक्षण प्रयोगशाला, डार्क रूम लैब तथा अत्याधुनिक साइको-क्लिनिक जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां छात्रों को स्टैनफोर्ड-बिने इंटेलिजेंस स्केल, न्यूरो साइकोलॉजिकल असेसमेंट बैटरी, आइजेंक पर्सनैलिटी प्रोफाइलर, होल्ट्जमैन इंक ब्लॉट तकनीक जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मनोवैज्ञानिक परीक्षणों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
लोक सम्पर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि विभाग के गौरवशाली पूर्व विद्यार्थियों में भारतीय प्रशासनिक सेवा, हरियाणा सिविल सेवा, भारतीय वायुसेना, डीआरडीओ, विश्वविद्यालयों एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में उच्च पदों पर कार्यरत अनेक प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।
विभाग के पूर्व छात्रों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। प्रो. महासिंह पूनिया ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की प्रवेश पोर्टल पर जाकर 15 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।


