रील्स और वायरल होने की होड़ में संस्कारों को नजरअंदाज न करें महिलाएं : पलक सिंगला
बोली : सोशल मीडिया पर बढ़ती फूहड़ता समाज के लिए चिंता का विषय
तरावड़ी /11 जून/ अटल हिन्द / रोहित लामसर
श्री राम राइस यूनिट की सीएमडी एवं समाजसेविका पलक सिंगला ने कहा कि सोशल मीडिया आज के दौर में एक सशक्त माध्यम है, लेकिन इसका गलत उपयोग समाज के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोग, विशेषकर युवा वर्ग, लाइक, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाने की होड़ में ऐसी वीडियो और रील्स बना रहे हैं जो भारतीय संस्कृति, सामाजिक मर्यादाओं और नैतिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं।
पलक सिंगला ने कहा कि सोशल मीडिया का उद्देश्य प्रतिभा, ज्ञान और सकारात्मक सोच को आगे बढ़ाना होना चाहिए, लेकिन कई बार देखने में आता है कि फूहड़ता, दिखावे और विवादित कंटेंट के जरिए लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश की जाती है।
यह प्रवृत्ति समाज और नई पीढ़ी पर गलत प्रभाव डाल सकती है। उन्होंने कहा कि युवतियों और महिलाओं की समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि वे सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिभा, शिक्षा, सामाजिक कार्यों, संस्कृति और प्रेरणादायक संदेशों को साझा करें तो यह समाज के लिए लाभदायक होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपनी पहचान संस्कार, शिक्षा और अच्छे कार्यों से बनानी चाहिए, न कि केवल वायरल होने की मानसिकता से। समाजसेविका पलक सिंगला ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे अपने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान दें और उन्हें सोशल मीडिया का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल समाज में जागरूकता, शिक्षा और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए होना चाहिए।
पलक सिंगला ने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है। यदि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ किया जाए तो यह समाज को नई दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकता है।
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