बीकानेर किडनी कांड पर मंत्री के बयान से बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने साधा निशाना
जयपुर /बीकानेर /11 जून 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो /दिनेश जांगिड़
पीबीएम अस्पताल में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने और किडनी प्रभावित होने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। चिकित्सा एवं जिला प्रभारी मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा समीक्षा बैठक के दौरान की गई एक टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। कांग्रेस ने इस बयान को महिलाओं और मातृत्व का अपमान बताते हुए मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री खींवसर बीकानेर पहुंचे और एसपी मेडिकल कॉलेज में अधिकारियों व चिकित्सकों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अस्पताल में भर्ती महिलाओं के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उपचार व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया।
मीडिया से बातचीत में मंत्री ने कहा कि बीकानेर का मामला कोटा में सामने आए प्रकरण से अलग है। उनके अनुसार प्रभावित महिलाओं में सभी की सिजेरियन डिलीवरी नहीं हुई थी और अधिकांश मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। केवल एक महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जिसे वेंटिलेटर पर रखा गया है।
मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए जोधपुर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम भेजी गई थी, जिसने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। प्रारंभिक जांच में कई मरीजों में डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के संकेत मिले हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की तत्परता से स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
हालांकि समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री की एक कथित टिप्पणी विवाद का कारण बन गई। बताया जा रहा है कि उन्होंने कहा, “पता करो कि महिलाएं चलते हुए आई थीं या नाचते हुए आई थीं।” इस बयान के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह गर्भवती महिलाओं और मातृत्व का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों पर जवाब देने के बजाय मंत्री असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।
डोटासरा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग की कि मामले का संज्ञान लेते हुए मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की जाए। वहीं स्वास्थ्य विभाग पूरे प्रकरण की जांच में जुटा हुआ है और अस्पताल में भर्ती महिलाओं का इलाज जारी है।


