लखनऊ में लापता बच्चियों के मामलों पर हाईकोर्ट सख्त, पुलिस कमिश्नर से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
लखनऊ/10 जून 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो
राजधानी लखनऊ में लापता, अपहृत और बहला-फुसलाकर ले जाई गई बालिग एवं नाबालिग लड़कियों के मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गंभीर चिंता जताई है। अदालत ने शहर में अब भी लापता चल रही 34 नाबालिग बच्चियों के मामलों की विस्तृत प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश लखनऊ पुलिस कमिश्नर को दिया है।
एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष पुलिस अधिकारियों द्वारा दाखिल हलफनामों में बताया गया कि पिछले छह महीनों में अपहरण, बहला-फुसलाकर ले जाने और लापता होने की कुल 261 घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से 227 बच्चियों को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है, जबकि 34 मामलों में तलाश अभियान अभी भी जारी है।
सुनवाई के दौरान लखनऊ पुलिस कमिश्नर और डीसीपी ईस्ट की ओर से व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल किए गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने अदालत में उपस्थित होकर जांच की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी दी।
पुलिस अधिकारियों ने अदालत को बताया कि लापता बच्चियों की तलाश के लिए विशेष निगरानी तंत्र लागू किया गया है। कमिश्नरेट के सभी जोनल अधिकारियों को ऐसे मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं तथा नियमित समीक्षा भी की जा रही है।
डीसीपी ने अदालत को आश्वस्त किया कि यदि किसी विवेचक, थाना प्रभारी अथवा क्षेत्राधिकारी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से भी कोर्ट को भरोसा दिलाया गया कि जांच में किसी प्रकार की शिथिलता बरतने वालों पर विभागीय कार्रवाई होगी।
अदालत ने अपनी टिप्पणी में कहा कि 34 बच्चियों का अब तक पता न चल पाना चिंता का विषय है, लेकिन 227 बच्चियों की सकुशल बरामदगी पुलिस के निरंतर प्रयासों को भी दर्शाती है। हाईकोर्ट ने कहा कि बच्चियों की सुरक्षा और उनके परिवारों की चिंता सर्वोपरि है। अदालत ने लखनऊ पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया कि सभी लंबित मामलों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट शपथ पत्र के साथ 3 जुलाई तक प्रस्तुत की जाए।
भारत में लड़कियों और महिलाओं के गायब होने के आधिकारिक आंकड़े
2019-2021 (गृह मंत्रालय/NCRB डेटा)
संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार 2019 से 2021 के बीच देशभर में:
2,51,430 नाबालिग लड़कियां (18 वर्ष से कम)
10,61,648 महिलाएं (18 वर्ष से अधिक)
गायब दर्ज की गईं। कुल संख्या 13.13 लाख से अधिक रही।
2021
90,113 लड़कियां लापता दर्ज हुईं।
3,75,058 महिलाएं लापता दर्ज हुईं।
2022
NCRB के अनुसार 83,350 बच्चे लापता दर्ज हुए, जिनमें लगभग 62,946 लड़कियां थीं।
2023
NCRB Crime in India 2023 के अनुसार:
33,978 लड़कियां (18 वर्ष से कम)
5,55,906 महिलाएं
कुल 5,89,884 महिलाएं और लड़कियां लापता दर्ज की गईं।
2023 में सर्वाधिक लापता लड़कियां/महिलाएं दर्ज करने वाले राज्य
राज्य कुल संख्या
Maharashtra 69,883
Madhya Pradesh 55,162
Odisha 47,053
Rajasthan 43,603
West Bengal 41,308
Delhi 39,451


