राजस्थान में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज को नई मजबूती
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन पर जोर
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन पर जोर
जयपुर, 28 अप्रैल 2026 (अटल हिन्द ब्यूरो) —
राजस्थान सरकार यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के लक्ष्य को और मजबूत करने जा रही है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मा योजना) को और सुदृढ़ किया जाएगा तथा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत स्वास्थ्य आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाएगा। साथ ही विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए इन दिशाओं में सख्त निर्देश दिए।
योजना को और प्रभावी बनाने के निर्देश
मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना को देश की अनूठी और महत्वाकांक्षी योजना बताते हुए कहा कि इसके तहत लगभग 1.36 करोड़ परिवारों को 25 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस योजना में सामान्य बीमारियों से लेकर जटिल ट्रांसप्लांट तक के इलाज की सुविधा निःशुल्क है।
उन्होंने निर्देश दिए कि इंश्योरेंस कंपनियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि मरीजों को उपचार में कोई परेशानी न हो। साथ ही सरकारी अस्पतालों में क्लेम रिजेक्शन की दर को न्यूनतम स्तर तक लाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) की बेस्ट प्रैक्टिसेज अपनाई जाएं। बीमा कंपनियों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जाए।
PM-ABHIM के तहत निर्माण कार्यों पर फोकस
पीएम-अभीम योजना की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता, नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध पूर्णता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त स्टाफ और बेड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए ताकि जमीनी स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
टीबी उन्मूलन में तेजी लाने के निर्देश
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में मुख्य सचिव ने टीबी मुक्त राजस्थान अभियान की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी से होने वाली मृत्यु दर को 1 प्रतिशत तक कम करने के लिए अर्ली डायग्नोसिस पर विशेष ध्यान दिया जाए। आईईसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर जनजागरूकता फैलाई जाए और पोषण किट की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
प्रमुख उपलब्धियां
प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि मा योजना का दायरा पहले से काफी बढ़ाया गया है। अब इंटर-स्टेट पोर्टेबिलिटी के माध्यम से देश के 30 हजार से अधिक अस्पतालों में राजस्थान के नागरिक कैशलेस इलाज ले सकते हैं।मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि PM-ABHIM के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 94 प्रतिशत राशि व्यय की गई है।
राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हजारी लाल अटल ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में मा योजना के तहत 19.38 लाख मरीजों को 3888 करोड़ रुपये का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया।
निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में प्रदेश की 6547 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया जा चुका है। इस उपलब्धि के लिए राजस्थान को केंद्र सरकार द्वारा सम्मानित भी किया गया है।
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