बादली बलिदान दिवस को लेकर तरावड़ी नई अनाज मंडी में हुई समाज के गणमान्य लोगों की बैठक
तरावड़ी, /27 जुलाई 2026/रोहित लामसर
बादली बलिदान दिवस को लेकर समाज के गणमान्य लोगों की एक बैठक तरावड़ी नई अनाज मंडी स्थित समाजसेवी रामपाल लाठर की दुकान पर हुई। जिसमें सुल्तान सरपंच कमालपुर, कृष्ण सरपंच गीतापुर, चौधरी रामपाल लाठर, सुल्ताल सोलहो, चमेल सिंह कमालपुर, सरपंच शेर सिंह सांवत,गांव पड़वाला के सरपंच सतबीर लाठर समेत कई गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान गीतापुर के सरपंच चौधरी कृष्ण कुमार व समाजसेवी रामपाल लाठर ने 2 अगस्त को 818वें बादली बलिदान दिवस समारोह में पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि बादली बलिदान दिवस गांव अहर, कुराना, छिछड़ाना व समस्त रोड समाज की ओर से पानीपत जिले के इसराना उपमंडल के छिछड़ाना अनाज मंडी में मनाया जाऐगा।
बैठक कर आयोजन को लेकर चर्चा की गई और समाज के लोगों से एकजुट होकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचने का निमंत्रण दिया गया। उन्होंने बताया कि बादली बलिदान दिवस रोड़ समाज द्वारा हर साल 2 अगस्त को मनाया जाने वाला एक ऐतिहासिक और गौरवशाली शहीद स्मरणोत्सव है।
यह आयोजन बादली रियासत के मान-सम्मान की रक्षा के लिए राजा रोड़ और उनके सैनिकों द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान की याद में मनाया जाता है। समाजसेवी रामपाल लाठर एवं चौधरी कृष्ण कुमार ने बताया कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक या सामाजिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वीर पूर्वजों के अद्वितीय शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन करने का ऐतिहासिक अवसर है।
यह समारोह समाज की एकता, भाईचारे और गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। सरपंच चौधरी कृष्ण कुमार ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने समाज, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था।
उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। ऐसे महापुरुषों के बलिदान को याद रखना और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाना प्रत्येक समाजजन का कर्तव्य है। इस अवसर पर सरपंच सतबीर लाठर ने समाज के प्रत्येक परिवार से आग्रह किया कि वे 2 अगस्त रविवार को आयोजित होने वाले इस भव्य समारोह में अपने परिवार सहित अवश्य पहुंचें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भागीदारी भी इस आयोजन को और अधिक सफल बनाएगी। समाज के सभी वर्गों की उपस्थिति से एकता और भाईचारे का मजबूत संदेश जाएगा।

