बाबैन बिजली पावर हाउस में बाढ़ के पानी के घुसने की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए पावर हाउस के चारों ओर बनाई गई सुरक्षा दीवार
बाबैन/27 जुलाई 2026/सुरेश अरोड़ा
सीएम सिटी बाबैन में विकास कार्यों में तेजी अब काफी तेजी आ गई है। बाबैन बिजली पावर हाउस में वर्षा के दिनों में बाढ़ के पानी के घुसने की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए पावर हाउस के चारों ओर सुरक्षा दीवार बनाई गई है ताकि बाढ़ का पानी पावर हाउस में न घुस सके।
बाबैन के बिजली पावर हाउस में हर वर्ष बरसात के मौसम में बाढ़ का पानी घुस जाने से विद्युत उपकरणों की सुरक्षा और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर खतरा उत्पन्न हो जाता था।
मुख्यमंत्री प्रतिनिधि कैलाश सैनी द्वारा मामला मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संज्ञान में लाने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आदेश दिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम द्वारा पावर हाउस के चारों ओर सुरक्षा दीवार का निर्माण कराया गया है जिस पर लगभग 90 लाख रुपये की राशि खर्च होगी।
इस दीवार का निर्माण कार्य तेजी से जारी है और जिसके पुरा होने से बाढ़ का पानी पावर हाउस परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के उपमंडल अधिकारी सुरेंद्र कंबोज ने बताया कि वर्षा के दिनों में आसपास के क्षेत्रों से आने वाला बाढ़ का पानी अक्सर पावर हाउस में घुस जाता था।
इस पानी से पावर हाउस के ट्रांसफार्मर, स्विच यार्ड तथा अन्य विद्युत उपकरणों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहता था। बाढ़ का पानी भरने पर कर्मचारियों को बार-बार पानी निकलवाने की व्यवस्था करनी पड़ती थी, जिससे अतिरिक्त समय, श्रम और संसाधनों की आवश्यकता पड़ती थी।
उन्होंने बताया कि पावर हाउस की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस बार उसके चारों ओर मजबूत दीवार का निर्माण किया गया है। पावर हाउस की सडक़ को भी उंचा उठाया जा रहा है ताकि बरसात के दौरान बाढ़ का पानी सीधे पावर हाउस परिसर में प्रवेश नहीं कर पाएगा और विद्युत उपकरण सुरक्षित रहेंगे।
उन्होंने कहा कि इन प्रबंधों से बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी सुचारू रूप से संचालित होती रहेगी। बाबैन के सरपंच संजीव सिंगला ने इस कार्य का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
अब बरसात के मौसम में पावर हाउस में पानी भरने की चिंता नहीं रहेगी और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका भी काफी कम हो जाएगी।

