बांके बिहारी मंदिर के पास बड़ा हादसा: श्रद्धालुओं पर गिरा मकान का छज्जा, मची अफरा-तफरी
मथुरा / 09 जून / अटल हिन्द ब्यूरो
मथुरा। भगवान बांके बिहारी मंदिर के निकट मंगलवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक मकान का छज्जा अचानक टूटकर श्रद्धालुओं के ऊपर गिर पड़ा। हादसे के बाद क्षेत्र में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए घरों से बाहर निकल आए। घटना में करीब नौ श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
जिलाधिकारी सीपी सिंह के अनुसार, शाम करीब 6:30 बजे वृंदावन स्थित मंदिर के 5 नंबर गेट से लगभग 200 मीटर दूर सुधीर गोस्वामी के मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद नोएडा के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है।
बंदरों की उछलकूद बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के समय कई बंदर मकान के छज्जे पर लगातार कूद-फांद कर रहे थे। बताया जा रहा है कि बंदरों के भार और लगातार झूलने के कारण छज्जा कमजोर होकर टूट गया और नीचे से गुजर रहे श्रद्धालुओं पर आ गिरा। हादसा बांके बिहारी मंदिर के निकट गली नंबर-5 में हुआ।
स्थानीय लोगों ने बचाए घायल
घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया। क्षेत्र के निवासी प्रशांत गोस्वामी ने बताया कि वे घर में थे, तभी अचानक लोगों की चीख-पुकार सुनाई दी। बाहर निकलने पर उन्होंने देखा कि कई श्रद्धालु घायल अवस्था में पड़े हैं और कुछ के सिर व हाथों से खून बह रहा था। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने और उपचार दिलाने में मदद की।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद पुलिस ने क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है तथा श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है। मंदिर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात की गई है।
हालांकि स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि किसी भी बड़े हादसे के बाद कुछ दिनों तक सुरक्षा और निगरानी बढ़ा दी जाती है, लेकिन समय बीतने के साथ व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती हैं। लोगों का आरोप है कि मंदिर क्षेत्र में कई पुराने और जर्जर भवन मौजूद हैं, जिनकी समय-समय पर जांच नहीं की जाती।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि पुराने भवनों और छज्जों की नियमित जांच होती, तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता था। उनका आरोप है कि प्रशासन हादसे के बाद सक्रिय होता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में पर्याप्त कदम नहीं उठाए जाते।
जांच शुरू, जर्जर भवनों पर होगी निगरानी
प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी और मंदिर क्षेत्र में स्थित जर्जर भवनों की स्थिति का भी आकलन कराया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


