कनाडा जाने के बाद बिना अनुमति लंबे समय तक अनुपस्थित रहने पर नंबरदार बर्खास्त
गांव नड़ेल के नंबरदार पर जिला कलेक्टर फतेहाबाद की बड़ी कार्रवाई, विभागीय अनुमति लिए बिना विदेश जाने और सरकारी दायित्वों की अनदेखी को माना गंभीर लापरवाही
जाखल/21 जुलाई 2026/योगेश खनेजा
जाखल खंड के गांव नड़ेल के नंबरदार जगमेल सिंह को जिला कलेक्टर फतेहाबाद ने पद से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई विभागीय जांच में नंबरदार के बिना अनुमति विदेश जाने, लंबे समय तक अनुपस्थित रहने तथा अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन नहीं करने के आरोप सही पाए जाने के बाद की गई।
जिला कलेक्टर ने पंजाब भू-राजस्व अधिनियम, 1887 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जगमेल सिंह को तत्काल प्रभाव से नंबरदारी के पद से पदच्युत (Dismiss) करने के आदेश जारी किए हैं। प्राप्त आदेशों के अनुसार गांव नड़ेल निवासी भगवान सिंह ने जिला प्रशासन को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि गांव का नंबरदार जगमेल सिंह नवंबर 2024 में अपने पुत्र के पास कनाडा चला गया था और उसके बाद लंबे समय तक विदेश में रहने के बावजूद सरकारी रिकॉर्ड में नंबरदार बना रहा।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि विदेश में रहने के दौरान वह अपनी सरकारी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहा था तथा सरकारी मानदेय भी प्राप्त करता रहा। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच उपमंडल अधिकारी (ना.) टोहाना को सौंपी। जांच के दौरान हल्का पटवारी की रिपोर्ट, संबंधित दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड तथा अन्य साक्ष्यों की जांच की गई। रिपोर्ट में सामने आया कि जगमेल सिंह 25 नवंबर 2024 से अपने पुत्र के पास कनाडा गया हुआ था।
जांच में यह भी पाया गया कि विदेश जाने से पहले उसने विभाग से न तो किसी प्रकार का अवकाश स्वीकृत कराया और न ही सक्षम अधिकारी से विदेश जाने की अनुमति प्राप्त की।
इसे सरकारी सेवा नियमों एवं नंबरदारों से संबंधित नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। मामले में जिला प्रशासन द्वारा जगमेल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया। अपने लिखित जवाब में उसने स्वीकार किया कि वह अपने बेटे की बीमारी के कारण कनाडा गया था और जल्दबाजी में विभाग से पूर्व अनुमति नहीं ले सका।
उसने यह भी कहा कि अनुपस्थिति के दौरान उसके खाते में आया सरकारी मानदेय उसने सरकारी खजाने में वापस जमा करा दिया है तथा अगस्त 2026 में भारत लौटने की बात भी अपने जवाब में लिखी। हालांकि उपमंडल अधिकारी (ना.) टोहाना ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट कहा कि किसी भी नंबरदार का बिना विभागीय अनुमति लंबे समय तक विदेश में रहना और अपने सरकारी दायित्वों का निर्वहन न करना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि केवल मानदेय वापस जमा करा देना नियमों के उल्लंघन को समाप्त नहीं करता।
सरकारी पद पर रहते हुए विभागीय अनुमति के बिना विदेश जाना नियमों के विपरीत है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होती है। जांच रिपोर्ट, शिकायत, उपलब्ध अभिलेखों तथा नंबरदार के स्वयं के लिखित उत्तर पर विचार करने के बाद जिला कलेक्टर फतेहाबाद ने माना कि जगमेल सिंह अपने दायित्वों के निर्वहन में विफल रहा है।
आदेश में कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति को नंबरदार के पद पर बनाए रखना जनहित में उचित नहीं है। इसी आधार पर पंजाब भू-राजस्व अधिनियम, 1887 की धारा 16 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से नंबरदारी के पद से बर्खास्त कर दिया गया। जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेशों में उपतहसीलदार जाखल को निर्देश दिए गए हैं कि बर्खास्त नंबरदार से नंबरदारी की सनद, पहचान पत्र तथा अन्य सरकारी अभिलेख वापस लेकर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आदेशों की प्रतियां हिसार मंडल के आयुक्त, उपमंडल अधिकारी (ना.) टोहाना, उपतहसीलदार जाखल, संबंधित शिकायतकर्ता तथा बर्खास्त नंबरदार को भी भेजी गई हैं। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश मानी जा रही है कि सरकारी जिम्मेदारी निभाने वाले किसी भी पदाधिकारी द्वारा नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति विदेश प्रवास और कर्तव्यों की उपेक्षा को गंभीरता से लिया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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