अमृतसर में 17 वर्षीय छात्रा की मौत से उठा विवाद, स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप; जांच जारी
अमृतसर /2 जून / अटल हिन्द ब्यूरो
पंजाब के अमृतसर जिले में फतेहगढ़ चूड़ियां रोड स्थित एक निजी स्कूल की 17 वर्षीय छात्रा की मौत का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के बाद सामने आए एक वीडियो ने मामले को और गंभीर बना दिया है। छात्रा 12वीं कक्षा की विद्यार्थी थी।
मृतक छात्रा के परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन और कुछ शिक्षकों द्वारा लगातार मानसिक दबाव बनाए जाने के कारण वह तनाव में थी। परिवार का दावा है कि इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर छात्रा ने कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिसके बाद उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
वहीं, स्कूल की एक शिक्षिका ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि छात्रा पिछले कई महीनों से स्कूल नहीं आ रही थी और विद्यालय प्रशासन ने केवल नियमित प्रक्रिया के तहत उसके परिवार से संपर्क किया था। शिक्षिका के अनुसार स्कूल ने कभी भी फीस या किसी अन्य कारण से छात्रा पर किसी प्रकार का दबाव नहीं बनाया। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन के पास सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध हैं और वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए स्कूल प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का आरोप है कि छात्रा को लगातार परेशान किया जा रहा था और उसके साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि छात्रा की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि प्रारंभिक आरोपों के अनुसार छात्रा को फीस और अन्य मुद्दों को लेकर परेशान किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित मामला दर्ज कर लिया गया है तथा संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए गए हैं।
इस बीच, एसीपी गगनदीप सिंह ने बताया कि फोर्टिस अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। छात्रा के पिता के बयान के आधार पर केस नंबर 115 दर्ज किया गया है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्कूल प्रबंधन छात्रा के दस्तावेज जारी नहीं कर रहा था तथा उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार स्कूल के प्रिंसिपल और एक कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी। इस घटना ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, शैक्षणिक संस्थानों की जिम्मेदारी और स्कूलों के वातावरण को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं।


