खानक में एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की चल रही है मनमर्जी, क्रेशर मालिक परेशान
तोशाम/10 जून/विष्णु दत्त शास्त्री
एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों की मनमर्जी सिर चढ़कर बोल रही है। 50-60 रूपये प्रतिटन रूपये ना दिए जाने पर पत्थर के साथ अधिकतर रेत डाला जा रहा है। जिसको लेकर क्रेशर मालिक परेशान हैं। यह मामला पहले भी कई बार उठ चुका है।
लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा। इसी मामले में जगदीश स्टोन क्रेशर के मालिक कृष्ण मलिक ने केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राहुल गांधी, मुख्यमंत्री हरियाणा, मंत्री रॉक नरवीर सिंह, एसडीएम तोशाम, एमडी एचएसआईआईडीसी को मेल भेजकर एचएसआईआईडीसी खानक द्वारा भेजे जा रहे निम्न गुणवत्ता वाले पत्थर व रेत डालने के संबंध में शिकायत की है।
उन्होंने मेल के माध्यम से बताया कि खानक पहाड़ से अपने क्रेशर हेतु पत्थर की नियमित खरीद कर रहे हैं। किन्तु पिछले कुछ समय से पत्थर की उच्च क्वालिटी ना होना व रेत भरने जैसी गंभीर समस्या सामने आ रही है कि जिन गाड़ियों में पत्थर भेजा जा रहा है, उनमें पत्थर के स्थान पर लगभग 60-79 प्रतिशत रेत भरी जा रही है। जो गलत है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की सामग्री क्रेशर पर पहले से उपलब्ध पत्थर के साथ मिश्रित होकर उसकी गुणवत्ता को पूर्णतः प्रभावित कर रही है, जिससे तैयार माल की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है और उनके व्यवसाय पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
इस विषय में वे पहले भी एचएसआईआईडीसी कार्यालय खानक एवं खानक पहाड़ के संबंधित अधिकारियों से कई बार निवेदन एवं शिकायत कर चुके हैं, किन्तु अभी तक इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया गया है।
क्रेशर मालिक ने ई रवाना व पत्थर के साथ रेत फ़ोटो ईमेल से भेजी है।
उन्होंने एचएसआईआईडीसी के एमडी सहित अन्य कई जगह को शिकायत भेजकर
अनुरोध किया है कि इस गंभीर विषय का संज्ञान लेते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करें, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण पत्थर प्राप्त हो सके और व्यवसाय को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।
क्रेशर मलिक कृष्ण मलिक ने बताया कि
साफ पत्थर डालने के पैसे की डिमांड की जा रही है। उन्होंने बताया कि एचएसआईआईडीसी के अधिकारी 50 से 60 रुपये प्रति टन के हिसाब से मांग करते हैं। उन्होंने बताया कि वे पत्थर बोली लगाकर लेते हैं फिर भी रेत डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचएसआईआईडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अपने पद का दुरूपयोग कर यह सब कर रहे हैं।
कृष्ण मलिक ने बताया कि एचएसआईआईडीसी के एग्रीमेंट के अनुसार 30 एमएम से छोटा व 50 एमएम आए बड़ा पत्थर नहीं दे सकते।
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